AMF WEBSITE PRELOADER

अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2024

Abhigyan Ashish Mishra 2 min read
अहिल्याबाई होल्कर जयंती 2024

अहिल्याबाई होळकर (31मई 1725-13 अगस्त 1795), मराठा साम्राज्य की प्रसिद्ध महारानी तथा इतिहास-प्रसिद्ध सूबेदार मल्हारराव होलकर के पुत्र खण्डेराव की धर्मपत्नी थीं। वह परिहार गोत्र की थी । माहेश्वर को राजधानी बनाकर शासन किया महारानी अहिल्याबाई होळकर महाराणी अहिल्याबाई होळकर मालवा साम्राज्य, इन्दौर की महाराणी अहिल्याबाई होळकर की दिल्ली के महाराष्ट्र सदन स्थित मुख प्रतिमा स्थापित है।

मालवा राज्य की महारानी शासनावधि

1 दिसंबर 1767-13 अगस्त 1795 राज्याभिषेक 11 दिसम्बर,1767 पूर्ववर्ती
माळेराव होल्कर उत्तरवर्ती तुकोजीराव होल्कर जन्म 31 मई 1725ग्राम चौंढी जामखेड अहमदनगर महाराष्ट्र, निधन 13 अगस्त 1795 जीवनसंगी खण्डेराव होळकर पूरा नाम अहिल्याबाई खण्डेराव होलकर घराना होल्कर राजवंश मराठा साम्राज्य पिता मान्कोजी शिन्दे धर्म हिन्दू अहिल्याबाई ने अपने राज्य की सीमाओं के बाहर भारत-भर के प्रसिद्ध तीर्थों और स्थानों में मन्दिर बनवाए, घाट बँधवाए, कुओं और बावड़ियों का निर्माण किया, मार्ग बनवाए-काशी विश्वनाथ में शिवलिंग को स्थापित किया, भूखों के लिए अन्नसत्र (अन्यक्षेत्र) खोले, प्यासों के लिए प्याऊ बिठलाईं, मन्दिरों में विद्वानों की नियुक्ति शास्त्रों के मनन-चिन्तन और प्रवचन हेतु की।
महारानी अहिल्याबाई होळकर का जन्म चौंडी नामक गाँव में हुआ था जो आजकल महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के जामखेड में पड़ता है। दस-बारह वर्ष की आयु में उनका विवाह हुआ। उनतीस वर्ष की अवस्था में विधवा हो गईं। पति का स्वभाव चंचल और उग्र था। वह सब उन्होंने सहा। फिर जब बयालीस-तैंतालीस वर्ष की थीं, पुत्र मालेराव का देहान्त हो गया। जब अहिल्याबाई की आयु बासठ वर्ष के लगभग थी, दौहित्र नत्थू चल बसा। चार वर्ष पीछे दामाद यशवन्तराव फणसे न रहा और इनकी पुत्री मुक्ताबाई सती हो गई। दूर के सम्बन्धी तुकोजीराव के पुत्र मल्हारराव पर उनका स्नेह था; सोचती थीं कि आगे चलकर यही शासन, व्यवस्था, न्याय और प्रजारंजन की डोर सँभालेगा; पर वह अन्त-अन्त तक उन्हें दुःख देता रहा।अभीप्राय मिडिया फाउंडेशन महारानी होल्कर की जयंती के अवसर पर उन्हें याद कर एक महिला शासक के रूप मैं जब की उस समय महिलाओं कों इतनी छूट नहीं हुआ करती थी अतः महिलाओ कों पर्दा प्रथा मैं रहना पड़ता था फिर उनके साहस और ईस्वर मैं उनकी आस्था अत्यधिक थी भगवान महादेव शिव भक्त थी ऐसी अपार सक्ति की देवी माँ अहिल्या कों सत सत प्रणाम करता है फाउंडेशन।

  • #sadsad