गीता जयंती, भगवद्गीता के ज्ञान की महिमा और संदेश को याद करने के लिए मनाई जाती है। यह दिन मार्गशीर्ष शुक्ल एकादशी (मौखिक रूप से "मोक्षदा एकादशी") के दिन मनाया जाता है, जो उस समय को दर्शाता है जब भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन को महाभारत के युद्ध के मैदान, कुरुक्षेत्र में गीता का उपदेश दिया था। गीता में श्रीकृष्ण द्वारा दी गई मुख्य बातें-कर्तव्यपालन का संदेश श्रीकृष्ण ने अर्जुन को कर्मयोग (अपने कर्तव्यों का पालन करना) का महत्व समझाया। उन्होंने कहा, "कर्मण्येवाधिकारस्ते मा फलेषु कदाचन" जिसका अर्थ है कि व्यक्ति को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए, लेकिन फल की चिंता नहीं करनी चाहिए।
आत्मा का अमरत्व- श्रीकृष्ण ने समझाया कि आत्मा अजर, अमर और अविनाशी है। शरीर नष्ट हो सकता है, लेकिन आत्मा नहीं। यह संदेश जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की प्रेरणा देता है। योग और ध्यान का महत्व श्रीकृष्ण ने योग के विभिन्न प्रकारों (कर्मयोग, ज्ञानयोग, भक्तियोग) का वर्णन किया। उन्होंने सिखाया कि ध्यान और योग के माध्यम से मनुष्य ईश्वर से जुड़ सकता है।
भक्ति का मार्ग उन्होंने भक्ति को जीवन का सबसे सरल और प्रभावी मार्ग बताया। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति सच्चे मन से ईश्वर को याद करता है, वह मोक्ष प्राप्त करता है।संसार के प्रति दृष्टिकोण श्रीकृष्ण ने कहा कि यह संसार अस्थायी है और इसमें मोह-माया के पीछे भागना व्यर्थ है। व्यक्ति को अपनी आत्मा की सच्चाई को पहचानकर अपने कर्तव्यों का पालन करना चाहिए। गीता जयंती का महत्व:जीवन के उद्देश्य का मार्गदर्शन गीता जयंती हमें जीवन में धर्म, कर्तव्य और आध्यात्मिकता का महत्व समझाती है। यह दिन हमें गीता के संदेशों को अपनाने और अपने जीवन में लागू करने की प्रेरणा देता है।आध्यात्मिक उन्नति गीता में दिए गए उपदेश मानव जीवन को आत्मिक और मानसिक रूप से उन्नत करने के लिए हैं। यह जयंती हमें आत्मज्ञान की ओर अग्रसर करती है।धर्म और संस्कृति का प्रचार गीता जयंती भारतीय संस्कृति और धर्म के अद्वितीय योगदान को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर है।
गीता के उपदेश केवल धार्मिक नहीं हैं-वे जीवन के हर पहलू को प्रभावित करने वाले दर्शन प्रदान करते हैं। यही कारण है कि गीता जयंती विश्वभर में श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाई जाती है। अभिप्राय मिडिया फाउंडेशन चेयरमैन फाउंडर अभिज्ञान आशीष मिश्रा व कोफाउंडरो द्वारा गीता जयंती पर देश के सभी ईस्वर के भक्तो वा सनातनियों कों बधाई भगवान श्री कृष्ण के द्वारा अर्जुन को दिये उपदेशो से जीवन के सभी मूल्यों कों समझाया हैं अतः हमें इन उपदेशों कों याद कर सदैव ही अपने जीवन मे उतारने कि आवश्यकत हैं


