लोहड़ी का त्योहार मुख्य रूप से पंजाब और कुछ अन्य उत्तरी भारतीय राज्यों में मनाया जाता है। इसे सर्दी के मौसम के अंत और फसल की कटाई के समय मनाया जाता है। यह त्योहार मुख्य रूप से नई फसल की उमंग और खुशियों के प्रतीक के रूप में मनाया जाता है। लोहड़ी पर लोग आग के चारों ओर घेरा बनाकर नाचते और गाते हैं, जिससे वे अपने खेतों की अच्छी फसल की कामना करते हैं और गर्मी के मौसम की शुरुआत का स्वागत करते हैं। इस दिन लोग तिल, गुड़, मूँगफली और अन्य सूखे मेवों को आग में डालकर उनके चारों ओर घूमते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं। पंजाबी लोहड़ी के दौरान कई विशेष गतिविधियाँ की जाती हैं:
1. अग् लोहड़ी की रात को, लोग घर के बाहर एक बड़ी आग जलाते हैं। इस आग के चारों ओर लोग एकत्र होकर उसे घेरते हैं। आग को शुभ मानते हुए लोग उसमें तिल, गुड़, मूँगफली और अन्य वस्तुएं डालते हैं।
2. गाने और नृत्य आग के चारों ओर लोग पंजाबी लोक गीत गाते हैं और भांगड़ा तथा गिद्धा नृत्य करते हैं। यह खुशी और उत्सव का अभिव्यक्ति होता है।
3. फसल की पूजा लोग इस दिन अपने खेतों की अच्छी फसल की कामना करते हैं और पिछले फसल की कटाई का उत्सव मनाते हैं।
4.विशेष व्यंजन लोहड़ी पर विशेष रूप से तिल और गुड़ से बने पकवान जैसे गज़क और तिल्ली का सेवन किया जाता है।
5.सामाजिक मिलन इस अवसर पर लोग अपने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर खुशी मनाते हैं और एक-दूसरे को शुभकामनाएं देते हैं।
यह पर्व सर्दी की समाप्ति और गर्मी के आगमन का स्वागत करता है और फसल की अच्छी पैदावार की खुशी को मनाता है। अभिप्राय मिडिया फाउंडेशन के द्वारा देश मे अनगिनत त्योहार की श्रखला भारत देश मे पूरे समय चलती रहती


