साल 31 दिसंबर को खत्म और 1 जनवरी को नया साल मनाने की परंपरा ग्रेगोरियन कैलेंडर पर आधारित है, जो कि 1582 में पोप ग्रेगोरी XIII द्वारा लागू किया गया था। यह कैलेंडर सूर्य के चक्र (सोलर कैलेंडर) पर आधारित है और विश्व के अधिकांश हिस्सों में इसे आधिकारिक तौर र अपनाया गया है। भारत में इसे ब्रिटिश राज के दौरान लागू किया गया, और आज़ादी के बाद भी इसे सरकारी और प्रशासनिक कार्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है।
भारत में यह परंपरा कब शुरू हुई ? भारत में 1 जनवरी को नया साल मनाने की परंपरा ब्रिटिश शासन के समय से शुरू हुई। हालांकि, इससे पहले भारत में विभिन्न क्षेत्रों में अलग-अलग तिथियों को नए साल के रूप में मनाया जाता था, जैसे विक्रम संवत, शाका संवत, और बंगाली, तमिल, मलयालम, और पंजाबी कैलेंडर के अनुसार। स्वतंत्रता के बाद, 1 जनवरी को वैश्विक प्रथा के तहत नया साल मनाने की आधिकारिक परंपरा जारी रही। 31 दिसंबर 2024 तक भारत में हुई मुख्य घटनाएं यहां 2024 की मुख्य घटनाओं का एक संक्षिप्त विवरण दिया गया है:
लोकसभा चुनाव 2024 नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने लोकसभा चुनाव जीता और तीसरी बार सरकार बनाई। चंद्रयान-3 की सफलता भारत का चंद्रमा पर नया मिशन सफलतापूर्वक संचालित हुआ। अर्थव्यवस्था और जीडीपी वृद्धि भारत की अर्थव्यवस्था में सुधार देखा गया, खासकर निर्यात और डिजिटल इंडिया अभियान के माध्यम से।
कृषि आंदोलन के प्रभाव किसानों के मुद्दों पर चर्चा और सुधार का दबाव बना रहा। ग्लोबल मंच पर भारत का प्रभाव जी 20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी और ग्लोबल साउथ के लिए भारत की पहलकदमियों ने उसकी भूमिका को मजबूत किया। 2024 में किन ग्रहों ने हलचल मचाई?
शनि,मकर और कुंभ राशि में शनि का गोचर था, जो कर्म प्रधान रहा।
राहु और केतु,मेष और तुला राशि में राहु-केतु का गोचर हुआ, जिससे कई राशियों के लिए अचानक बदलाव और अवसर आए।
बृहस्पति,मेष राशि में बृहस्पति का प्रभाव कई राशियों को धन, संपत्ति, और ज्ञान में वृद्धि का अवसर प्रदान करता रहा। 2025 में किस राशि को लाभ और किसे नुकसान ?
लाभ पाने वाली राशियां वृषभ, बृहस्पति का प्रभाव आर्थिक लाभ और करियर में सफलता देगा।
कर्क शनि और बृहस्पति का सकारात्मक प्रभाव स्वास्थ्य और संपत्ति में सुधार लाएगा।
धनुविदेश यात्रा और करियर में उन्नति के मौके मिलेंगे। नुकसान झेलने वाली राशियां
मेष,राहु का प्रभाव निर्णय क्षमता में बाधा पहुंचा सकता है। तुला,केतु का प्रभाव रिश्तों में तनाव और मानसिक अस्थिरता ला सकता है। मीन, आर्थिक नुकसान और स्वास्थ्य से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। अभिप्राय मीडिया फाउंडेशन अभिज्ञान आशीष मिश्रा नये साल के आगमन पर देश वासियो कों बहुत बहुत शुभकामनायें दी कहा इसी तरह साल दर साल बदलता रहता हैँ पर लोगो कों अपनी आशाए और आकांक्षाए कभी नहीं रुकनी नहीं चाहिए तभी हम अपनी मेहनत से उन्हें प्राप्त कर पायेंगे और आगे बढ़ पायेंगे।


