विश्व विकलांग दिवस (International Day of Persons with Disabilities)हर साल 3 दिसंबर को मनाया जाता है। इस दिवस की शुरुआत 1992 में संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा की गई थी, जिसका उद्देश्य विकलांगता के प्रति जागरूकता फैलाना और विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों और भलाई के लिए काम करना था।
प्रमुख कारण-विश्व विकलांग दिवस का मुख्य उद्देश्य विकलांगता के मुद्दों को वैश्विक मंच पर लाना और विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा करना है। यह दिन उन लोगों की आवाज़ को सुनने और उन्हें समाज में समान अवसर देने के लिए एक मंच प्रदान करता है। इसके माध्यम से-
विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की सुरक्षा। समान अवसर और समावेशिता का प्रचार। विकलांग व्यक्तियों के जीवन स्तर को बेहतर बनाना।सरकारों और समाज को विकलांगता से संबंधित नीतियों और योजनाओं के प्रति जागरूक करना।
प्रमुख कानून और सुविधाएँ-विकलांग व्यक्तियों के अधिकारों की रक्षा के लिए भारत में कुछ प्रमुख कानून और सुविधाएँ हैं।दिसेबिलिटी एक्ट,2016 (Rights of Persons with Disabilities Act, 2016) यह कानून विकलांग व्यक्तियों को समान अधिकार और अवसर प्रदान करने के लिए बना है। इसमें 21 प्रकार की विकलांगताओं को मान्यता दी गई है, जैसे शारीरिक, मानसिक, और संज्ञानात्मक विकलांगताएँ इसमें शिक्षा, रोजगार, सार्वजनिक सेवाओं, परिवहन, और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में समावेशिता की बात की गई है।
समावेशी शिक्षा -विकलांग बच्चों को सामान्य विद्यालयों में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। स्कूलों में विशेष सुविधाएँ और सहायक उपकरण प्रदान किए जाते हैं।रोजगार- विकलांग व्यक्तियों के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में आरक्षण का प्रावधान है।कई सरकारी योजनाएँ और प्रशिक्षण कार्यक्रम विकलांग व्यक्तियों को रोजगार पाने में मदद करते हैं। स्वास्थ्य सेवाएँ- विकलांग व्यक्तियों को विशेष चिकित्सा और पुनर्वास सेवाएँ उपलब्ध कराई जाती हैं। सुविधाएँ और सब्सिडी- सरकार द्वारा विकलांग व्यक्तियों को विभिन्न सुविधाएँ और सब्सिडी दी जाती हैं, जैसे ट्रांसपोर्ट सब्सिडी, टैक्स में छूट, और विशेष उपकरणों पर सब्सिडी।
विकलांगता प्रमाणपत्र- विकलांग व्यक्तियों को विकलांगता प्रमाणपत्र प्रदान किया जाता है, जो उन्हें सरकारी सुविधाओं और विशेष अवसरों का लाभ लेने में मदद करता है। इन पहलुओं से विकलांग व्यक्तियों को समाज में समावेशिता, समान अवसर और बेहतर जीवनशैली मिलती है।
Abhigyan Ashish Mishra
Founder & Chairman